
सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों में से किसकी सैलरी ज्यादा है. (AI फोटो)
नई दिल्ली:
आठवें वेतन आयोग के गठन (Eighth Pay Commission) की खबर सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है. अगर भत्ते पहले की तरह ही मलते रहे तो तो सरकारी नौकरी वालों की तो मौज है. सवाल ये भी है कि क्या इसका असर प्राइवेट नौकरी की इनकम पर भी पड़ेगा. क्या निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी आठवां वेतन आयोग कोई गुड न्यूज लेकर आएगा? प्राइवेट या सरकारी सेक्टर में से किसी सैलरी ज्यादा होती है. क्या तनख्वाह के मामले में प्राइवेट वाले सरकारी वालों से पहले से फायदे में हैं,या नहीं,यहां जानते हैं.
निचले पायदान पर बैठे सरकारी कर्मचारी की सैलरी प्राइवेट सेक्टर से ज्यादा है. अगर ड्राइवर की ही बात करें तो इसमें दोगुने तक का फर्क देखा गया था. 2015 में की गई इस स्टडी के मुताबिक उस समय सरकारी ड्राइवर का औसत वेतन करीब 18 हजार रुपये था,जो तब मार्केट के हिसाब से करीब दोगुना था. लेकिन सरकारी अधिकारियों की सैलरी की बात करें,तो इसमें कॉर्पोरेट के मैनेजर आगे दिखे.
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